बागवानों को कीटनाशक दवाओं की सब्सिडी आएगी सीधे खाते में
News portals-सबकी खबर (शिमला)
हिमाचल के लाखों बागवान अब खुले बाजार से खुद पसंद की कीटनाशक दवाएं खरीद सकेंगे। बागवानों को आगामी वित्तीय वर्ष से अब उपदान (सब्सिडी) की कीटनाशक दवाएं नहीं मिलेंगी।दवाओं पर तय सब्सिडी सरकार बागवानों के खाते में डालेगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लघु और मध्य बागवानों को ज्यादा फायदा होगा।प्रदेश सरकार हर सीजन में करोड़ों की कीटनाशक दवाएं खरीदती रही है।
बागवान दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं और कई बार दवाएं न मिलने की शिकायतें भी करते रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था में सरकार को अच्छी खासी कसरत करनी पड़ती थी और दवाओं के लिए गोदाम भी रखने पड़ते थे। इन दवाओं के वितरण के लिए केंद्र खोलकर कर्मचारियों की भी तैनाती करनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था के अनुसार न तो दवाओं की खरीद करनी होगी और न ही बुनियादी ढांचे की जरूरत रहेगी। बागवान अपनी जरूरत की दवाएं खुले बाजार से खरीदेंगे और सरकार सिर्फ एक हेक्टेयर पर अधिकतम चार हजार का उपदान बागवानों के खाते में सीधे डालेगी। इससे ज्यादा जमीन होने पर भी सिर्फ चार हजार ही उपदान दिया जाएगा। इसके लिए बागवानों को दवाओं के बिल बागवानी विभाग के पास जमा कराने होंगे।
दवा खरीद गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। इस संबंध में बागवानी विभाग के सचिव ने निदेशक को पत्र संख्या एचटीसी-एफ(11)-42017 जारी किया है।
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