News portals-सबकी खबर (शिलाई )
राष्ट्रीय राज मार्ग 707 पर कार्य कर रही धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी पर वन विभाग व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अवैध तरीके से तमसा नदी में मलबा डम्प करने पर विभागीय जांच बिठाई है, वन मंडल अधिकारी रेणुका जी, उपमंडलाधिकारी शिलाई सहित राष्ट्रीय राजमार्ग 707 प्राधिकरण के अधिकारियों ने मौका का निरीक्षण करके दयनीय हालातों का जायजा लिया है।
जानकारी के मुताबिक धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी पिछले 3 महीने से तमसा नंदी में अवैध तरीके से मलबा डम्प कर रही थी, और जब कोई कर्मचारी मौका का निरीक्षण करने पहुंचता तो अवैध डम्पिंगयार्ड साइड पर दर्जनों टैंकर पानी डालकर सारा मलबा नंदी में बहाती रही, अधिकारियों के मौका का निरीक्षण करने से पहले भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला है, जिसे अधिकारियों ने बखूबी नोटिस किया होगा, धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अधिकारियों के मौका पर पहुचने से पहले ही मलबे को नंदी में डालने के लिए दर्जनों टैंकर पानी के अवैध डम्पिंगयार्ड पर डाले है। इतना ही नही बल्कि जिस जगह पर करोड़ो मीट्रिक टन मलबा डम्प किया गया है, उसी जगह पर भूस्खलन होने व गाड़ी में मरीज होने के चलते जल्दी में सड़क साफ करने की बातों से जांच अधिकारियों को कम्पनी व चाटुकारों ने बरगलाने की कोशिशें की है, तथा मीडिया की खबरों को भी गलत ठहराने की हरसम्भव कोशिशें की गई है|
, गनीमत यह रही कि जब कंपनी के कर्मचारी नंदी में मलबा डम्प कर रहे थे तो कवरेज करने उसी क्षेत्र में मीडिया की एक टीम गई हुई थी, तथा सड़क से मलबा काट-काट कर नंदी में डाल रहे कम्पनी के कर्मचारियों की पूरी तस्वीरे कैमरे में कैद हो गई, कैमरे ने यह भी कैद किया कि सड़क पर कोई वाहन ऐसा नही था जिसमे कोई मरीज हो और सड़क खोलने के लिए आपातकाल स्तिथि पैदा हुई हो, बल्कि सड़क पर मिनस की तरफ खुद कम्पनी की गाड़ी खड़ी थी जिसमे कम्पनी के कुछ कर्मचारी दूसरी साइड पर जा रहे थे और दूसरी तरफ मीडिया की गाड़ी खड़ी थी जो पूरे मामले पर नजर बना रही थी, जांच टीम इस बात को कितनी गम्भीरता से लेती है यह बात आगामी जांच में सामने आएगी।
सूत्रों की माने तो धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तमसा नंदी में इतना मलबा डाल दिया है जो नंदी के पानी मे बहकर डाकपत्थर के साथ लगे विधुत प्रोजेस्ट तक पहुँच गया है, तथा भारी मात्रा में पानी के साथ मलबा आने से विधुत प्रोजेक्ट कर्मचारियों को परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। मामला यह भी सामने आया है कि जिस खाली साइड पर वन विभाग ने धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को पेड़ -पौधों को लगाने के लिए जमीन विकसित करने की परमिशन दी थी, उसी जगह पर कम्पनी ने लाखों मीट्रिक टन मलबा वैतरतीव तरीके से डाल दिया है जो 60 मीटर की जगह 300 मीटर से दूर जाकर तमसा नंदी में जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों सहित एनएचएआई की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ रही है, प्रदेश वन मंत्री के संज्ञान में पहले ही मामला पहुँचा है इसलिए जांच कमेटी को सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच करके पूर्ण रिपोर्ट तैयार करनी होगी। बैरहाल मामले में कौन सा विभाग कितनी सख्ती से कार्यवाही करता है यहां यह देखने वाली बात होगी।
Recent Comments