Breaking News :

मौसम विभाग का पूर्वानुमान,18 से करवट लेगा अंबर

हमारी सरकार मजबूत, खुद संशय में कांग्रेस : बिंदल

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद 7.85 करोड़ रुपये की जब्ती

16 दिन बाद उत्तराखंड के त्यूणी के पास मिली लापता जागर सिंह की Deadbody

कांग्रेस को हार का डर, नहीं कर रहे निर्दलियों इस्तीफे मंजूर : हंस राज

राज्यपाल ने डॉ. किरण चड्ढा द्वारा लिखित ‘डलहौजी थू्र माई आइज’ पुस्तक का विमोचन किया

सिरमौर जिला में स्वीप गतिविधियां पकड़ने लगी हैं जोर

प्रदेश में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निवार्चन के लिए तैयारियां पूर्ण: प्रबोध सक्सेना

डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस ने किया ओएनडीसी पर क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

इंदू वर्मा ने दल बल के साथ ज्वाइन की भाजपा, बिंदल ने पहनाया पटका

November 15, 2024

जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 857 करोड़ रूपए का प्रावधान: जगत सिंह नेगी

News portals-सबकी खबर (शिमला ) जनजातीय क्षेत्रों का विकास प्रदेश की वास्तविक उन्नति का प्रतीक है। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। यह बात जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां जनजातीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग भौगोलिक कठिनाइयों का सामना करते हुए कड़ी मेहनत कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में निवास कर रहे जनजातीय लोगों के कल्याण तथा उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय योजनाओं में 335 करोड़ रुपये का परिव्यय भी प्रस्तावित है।
जनजातीय विकास मंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव वित्त एवं योजना अक्षय सूद, सलाहकार योजना डॉ. बसु सूद, संयुक्त सचिव जनजातीय विभाग विक्रम नेगी, संयुक्त निदेशक जनजातीय विकास विभाग कैलाश चौहान तथा जनजातीय विकास, वित्त और योजना विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Read Previous

मुख्यमंत्री ने नादौन में 12.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लघु सचिवालय का लोकार्पण किया

Read Next

बायोमास ऊर्जा विकल्प के रूप में चीड़ की पत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेगी सरकार

error: Content is protected !!