Breaking News :

मौसम विभाग का पूर्वानुमान,18 से करवट लेगा अंबर

April 6, 2025

Himachal : 16 अगस्त तक मौसम का यलो अलर्ट जारी

News portals-सबकी खबर (शिमला )  प्रदेश के कई स्थानों पर 16 अगस्त तक मौसम का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले सप्ताह भी प्रदेश में मानसून झमाझम बरसेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान दिया है कि प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार को राजधानी शिमला पूरा दिन धुंध के आगोश में रही। सुबह से ही यहां रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। पूरा दिन बारिश होती रही। प्रदेश में पिछले 24 घंटे की बात करें, तो सबसे अधिक बारिश नाहन में दर्ज की गई है। नाहन में 168.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि संधोल में 106.4, नगरोटा सूरियां में 93.2, धौलाकुआं में 67.0, जुब्बड़हट्टी में 53.2, कंडाघाट में 45.6, धर्मशाला में 13.0, कांगड़ा में 12.6 व नारकंडा में 19.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 11 से 16 अगस्त तक कुछ स्थानों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश में जगह-जगह भू-स्खलन से प्रदेश में 50 से अधिक सडक़ें व पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। कई भागों में बिजली आपूर्ति ठप है। ऊपरी शिमला में अधिक बारिश होने की वजह से शिमला शहर में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। शहर में पांच ही दिन पानी आएगा और वह भी जब ज्यादा बारिश न हो। भारी बारिश से सिल्ट के कारण सप्लाई प्रभावित हो जाती है।

सिरमौर में गत शुक्रवार रात को भारी बारिश हुई बताई जाती है। जिला मुख्यालय नाहन में भारी बारिश से गलियों ने नाले का रूप धारण कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहा। कई भागों में अलर्ट के बीच झमाझम बारिश जारी रही। अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ का खतरा होने की संभावना है। मंडी में भारी बारिश और भू-स्खलन से एक घर व चार गोशालाओं को नुकसान हुआ बताया जा रहा है। कालका-शिमला फोरलेन को जगह-जगह भूस्खलन के चलते परवाणू से धर्मपुर तक वन-वे किया गया है। नेशनल हाईवे-707 भू-स्खलन के चलते सतौन से तीन किलोमीटर आगे शिलाई की ओर बाधित है।

Read Previous

शिलाई की पंचायत नाया पंजोड़ में भ्रष्टाचार पर पांच के खिलाफ मामला दर्ज

Read Next

हिमाचल में चरम मौसमी घटनाएं बनी विनाशकारी आपदाओं का कारण

Most Popular

error: Content is protected !!