News portals-सबकी खबर (शिलाई) प्रदेश के मुख्यमंत्री पहली बार शिलाई आगमन पर कांग्रेस पार्टी पर्याप्त इंतजामो के बाबजूद भी सीएम के आगमन पर भीड़ नही जुटा पाई है। जिससे आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भारी परेशानियां हो सकती है। यूं तो शिलाई मे गिरिपार क्षेत्र के जनजातीय मुद्दा कांग्रेस पार्टी के लिए किरिकिरी बना हुआ है।गिरिपार क्षेत्र की जनता जातीय वहुल 155 पंचायतों के चिंगारी बोट युबा कांग्रेस से पूरी तरह खुन्स खाए हुए है जिसकी बानगी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु के शिलाई में जनसभा मे साफ़ दिखी है। भीड़ को एकत्रित करने के लिए शिलाई कांग्रेस मण्डल ने बसों तथा छोटी गाड़ियों की निशुल्क सेवा लगाई थी बाबजूद इसके भी शिलाई कांग्रेस भीड़ जुटाने में असफल रही। एक बात तो मुख्यमंत्री के जहन में जरूर उठ रही होंगी की जिस उम्मीद से वह शिलाई पहुचे थे उतनी भीड़ एकत्रित नही हो पाई। इससे पूर्व शिलाई मे पूर्व मुख्य मंत्री स्वर्गीय बीरभद्र सिंह व जय राम ठाकुर की जब जब यंहा जनसभाएं हुई तो यहाँ यथाभीड़ रही। लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिह सुखु की इस जनसभा में ज्यादा भीड़ देखने को नही मिली। राजनीतिक पंडितों का मानना तो दिसम्बर 2022 के बिधान सभा चुनाव में हाशिए पे खड़ी शिलाई कांग्रेस का जनाधार एक वार पुनः खिसरना शुरू हो गया है जो निकट भविष्य में कांग्रेस पार्टी के लिए हित मे सही नही है। कारण गिरिपार क्षेत्र के जनजातीय मुद्दा हो , या स्थानीय नेतृत्व की घटती लोकप्रियता हो।
शिलाई : 2024 लोक सभा चुनाव मे सुखु भी नही बचा पाएंगे शिलाई कांग्रेस की लुटड़ी

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