Breaking News :

मौसम विभाग का पूर्वानुमान,18 से करवट लेगा अंबर

हमारी सरकार मजबूत, खुद संशय में कांग्रेस : बिंदल

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद 7.85 करोड़ रुपये की जब्ती

16 दिन बाद उत्तराखंड के त्यूणी के पास मिली लापता जागर सिंह की Deadbody

कांग्रेस को हार का डर, नहीं कर रहे निर्दलियों इस्तीफे मंजूर : हंस राज

राज्यपाल ने डॉ. किरण चड्ढा द्वारा लिखित ‘डलहौजी थू्र माई आइज’ पुस्तक का विमोचन किया

सिरमौर जिला में स्वीप गतिविधियां पकड़ने लगी हैं जोर

प्रदेश में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निवार्चन के लिए तैयारियां पूर्ण: प्रबोध सक्सेना

डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस ने किया ओएनडीसी पर क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

इंदू वर्मा ने दल बल के साथ ज्वाइन की भाजपा, बिंदल ने पहनाया पटका

April 2, 2025

राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने चार फर्जी फर्म चिन्ह्ति की

News portrals-सबकी खबर (शिमला ) आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी, युनूस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा फर्जी कम्पनियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत विभाग की आर्थिक सतर्कता इकाई ने चार फर्जी फर्मों (प्रतिष्ठानों) की पहचान की है। आधार कार्ड विवरण के अनुसार इन फर्मों का स्वामित्व गुजरात से संबंधित तीन व्यक्तियों के पास है। इन तीन व्यक्तियों द्वारा देशभर में 184 पंजीकरणों के लिए आवेदन किया गया था जिनमें से केवल 31 को स्वीकृति प्राप्त हुई। हिमाचल प्रदेश में इन्होंने 10 पंजीकरणों के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभाग द्वारा प्रदेश में सभी पंजीकरणों को अस्वीकार कर दिया गया। हालांकि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर प्राधिकरण से वे हिमाचल प्रदेश में चार पंजीकरण स्वीकृत करवाने में सफल रहे।
उन्होंने बताया कि इन प्रतिष्ठानों के आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण के बाद यह पाया गया कि यह प्रतिष्ठान संदिग्ध लेन-देन कर रहे हैं। इनके द्वारा कारोबार के लिए दिए गए पते के संबंध में पूछताछ की गई और पाया गया कि राज्य में दिए गए पते पर कोई भी फर्म उपलब्ध नहीं थी। इन लोगों ने 167 करोड़ रुपए के कारोबार का खुलासा किया है और पूरे भारत में 27 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया है। हिमाचल प्रदेश में इन्होंने 56 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया है और 9.43 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया गया।उन्होंने बताया कि विभाग ने तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इस मामले को केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष उठाया है क्योंकि यह फर्म केंद्रीय अधिकार क्षेत्र में हैं और उनका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। कंेद्रीय अधिकारियों से इन फर्जी संस्थाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

Read Previous

वर्ष 2024 तक पूरा करें ऊहल जल विद्युत परियोजना का शेष कार्य: सुन्दर सिंह ठाकुर

Read Next

देश में बीते 24 घंटों में कोरोना से सात मरीजों की मौत

error: Content is protected !!