News portals-सबकी खबर (शिमला ) लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां प्रेस-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में विकास कार्योंं को गति देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत और इस दिशा में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ नवोन्मेषी पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण और शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सड़क, आधारभूत संरचना और शहरी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर बल दिया जा रहा है। राज्य के दूरदराज, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना सरकार की विशेष प्राथमिकता है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उनके समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास से जुड़े कार्यों के तहत प्रदेश में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रस्ताव केन्द्र को भेजे गए हैं। शहरी विकास विभाग को नोडल एजेंसी बनाते हुए ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना 2025-26’ के अंतर्गत 366 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के अथक प्रयासों से यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। हिमाचल प्रदेश के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिससे प्रदेश में शहरी विकास को नई गति मिलेगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इन परियोजनाओं में शिमला की सब्जी मंडी के पुनर्विकास के लिए 140 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसके अंतर्गत आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, नगर निगम कार्यालय, रिटेल आउटलेट्स, होटल, मल्टीस्क्रीन, फूड कोर्ट एवं वेयरहाउस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, हमीरपुर के पुराने एचआरटीसी बस स्टैंड के पुनर्विकास के लिए 80 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है, जहां एक आधुनिक सिटी सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसमें कन्वेंशन सेंटर, पार्किंग, कमर्शियल स्पेस, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, रिटेल आउटलेट्स, गेमिंग जोन, फूड कोर्ट एवं मल्टीस्क्रीन सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, धर्मशाला नगर निगम के लिए नेबरहुड इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत 20 करोड़ रुपये की परियोजना भी स्वीकृत हुई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में शहरी आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जो हिमाचल प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क विकास के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 1500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 2300 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और 15 अप्रैल से कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील की कि सड़क निर्माण कार्यों में भूमि उपलब्ध करवाने के लिए सहयोग करें, क्योंकि सड़क निर्माण के लिए भूमि की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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